मनुष्य दिमाग में क्या शक्तियाँ होती है ?

मनुष्य के शरीर में मस्तिष्क एक ऐसा अंग है जो हमारे शरीर की क्रियाओ को निरंतर चलने के लिए शरीर के सभी अंगो को सिग्नल पहुँचाता है एवं नियत्रण करता है| हमारे द्वारा की गयी शारीरिक गतिविधियों को भी नियंत्रित हमारा मस्तिष्क ही करता है ,परन्तु हमारा दिमाग यही काम नहीं करता हमारे मस्तिष्क की शक्तियाँ अपार है ,दुनिया में सबसे ज्यादा शक्ति मनुष्य के मस्तिष्क में होती है ,मनुष्य चाहे तो कुछ भी कर सकता है तथा अपने जीवन को एक उचित दिशा प्रदान करता है |
धारणा एवं किसी चीज़ को दिल से पाने की इच्छा एवं हम जो भी सपने देखते है उन्हें पुरे करने अर्थात साकार करने के लिए हमे सिर्फ हमारे मस्तिष्क को जाग्रत करना होगा | हम हमारी दिनचर्या में अपने दिमाग का सिर्फ 12-13 प्रतिशत ही उपयोग करते है जिसे हम चेतन मन कहते है ,हमारे मस्तिष्क में दो प्रकार के मन उपस्थित होते है | 85 प्रतिशत हमारा दिमाग उपयोग नहीं हो पता है क्यूंकि सामान्य अवस्था में वो जाग्रत नहीं रहता है जिसे हम अवचेतन मन कहते है, अवचेतन मन को अगर हम जाग्रत करले तो हम संसार के किसी भी कार्य को कर सकते है | अवचेतन मन को जाग्रत करने से मनुष्य अद्वितीय शक्तियों से भर जाता है तथा ऐसे मनुष्यो के लिए संसार में कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता है |
हम जो बनना चाहते है, हमारे जो सपने है उनको पूरा करने के लिए हम अत्यधिक सोचते है परन्तु हम हमारे मस्तिष्क को अन्य दूसरे तनाव एम् विचारो को नियंत्रित न कर पाने के कारण हम निराश हो जाते है ,परन्तु हम जो साकार करना चाहते है उसे अगर हम अवचेतन मन से सोचे तो मुमकिन हो सकता है ,अवचेतन मन को जाग्रत करने के लिए हमारे पास उपाय है|

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जब आप सोते है तथा सोने जा रहे होते है उसके पांच मिनट पहले अपनी आँखों को बंद करके हमारे भीतर के सभी विचारो को भूलकर मस्तिष्क को शांत करे तथा ऐसा करने के लिए साँस को एक लय में अंदर खींचे एवं बाहर छोड़े जिससे आप रिलैक्स महसूस करोगे ,पश्चात आप जो भी सिद्ध या साकार करना चाहते है अर्थात जो भी आपके सपने है जैसे महँगी लग्ज़री कार, ऐशोआराम वाली लाइफ जो भी चाहते है उसे शांत मन से अपने अवचेतन मन में विचार बनाये तथा मस्तिष्क के मध्य में अपने सपने को एक सत्य घटित तश्वीर में देखे | ऐसा करने से आपका अवचेतन मन धीरे धीरे जाग्रत होने लगता है
तथा आपको अपने सपनो की ओर ले जाता है | मन को शांत रखने तथा दिल को ख़ुशी मिलने वाले कार्य करना चाहिए
जिससे मस्तिष्क में पॉजिटिव वाइब्रेशन बढ़ते है जिससे अवचेतन मन जाग्रत होता है | हमे हमारी सोच को बदलना
आवश्यक है खुद का आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिये , में कुछ भी कर सकता हु ,मुझमे अपार शक्ति है , में बहुत ऊर्जावान हु ,में बहुत सुलझा हुआ हु ,में आत्मविश्वास से भरा गया हु ; ऐसी धारणा होने से हमारे मस्तिष्क में अवचेतन मन जाग्रत होने लगता है | अवचेतन मन को जाग्रत करने के लिए साधना एवं ध्यान लगाना होता है जिससे मनुष्य अवचेतन मन जाग्रत कर सकता है वह मनुष्य आलोकिक तथा अद्वितीय शक्तियों का साक्षात्कार कर लेता है