OMG!कोई अपने घर आये तो ये ना करे ?

अतिथि (व्यक्ति) उनके सम्मान की कुछ महतवपूर्ण बाते

आजकल क्या जमाना आ गया है , कि कोई किसी के घर मिलने आता है,तो सामने वाले को उस इंसान के लिए जरा सी भी फुरसत ही नहीं है कि उस इंसान से बात कर ले , एक थोडी सी स्माइल देने के बाद तो  वो ऐसा मोबाइल में व्यस्त हो जाता है कि उसे पता ही नहीं कि ,कोई उनके घर में आया भी हो  ,लेकिन पूरा ध्यान मोबाइल में ही रहेगा , जब वो व्यक्ति आप से मिलने आया है आप उसको जरा सा भी मोबाइल रखकर बात नहीं कर पा रहे हो तो वो व्यक्ति आपके घर में बैठकर क्या करेगा ,और उस व्यक्ति को जब बहुत बुरा लगता है कि मेरी यह कोई कद्र नहीं है ,तो में बैठकर क्या करू, जैसे ही वो व्यक्ति अपने घर जाने के लिए खड़ा होता है, तो समाने वाला ये बोल देता है कि आप जा रहे हो थोदी देर बैठो तो सही ,आपने को चाय नाश्ता भी नहीं लिया ,आप किस काम से आये कुछ हो तो बोलो, वह व्यक्ति आधे घंटे से आपके यहां बैठा ,अब वो ये सब देखकर उसको बोलने की हिम्मत भी टूट जाती है

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अतिथि से बच्चों को भी बात करने की प्रेरणा दे

इसलिए मेरा कहना है कि कोई आपके घर आये तो आप कुछ देर के लिए वो काम रोककर उस व्यक्ति से बात करे ,वो व्यक्ति आपके घर क्यों आया है , न कि मोबाइल या इसके अलावा खुद के काम पर ध्यान देने लग जाओ ,क्योकि हमारा कोई जयदा खाश व्यक्ति आता है तो हम ऑफिस से छुट्टी तक ले लेते है , ऐसा हम सबके साथ करे ,मोबाइल या अन्य चीजों में बिजी न हो जाओ ,कभी न कभी आपको भी उस व्यक्ति से काम होगा ही ,ऐसा न हो कि वो भी आपके साथ ऐसा करे ,इन छोटी मोटी बातो को ध्यान में रखकर सोचो तो आपके लाइफ में कोई परेशानी नहीं आती है कहते है न अतिथि देवो भव : , इन बातो को खुद भी अमल करो और अपने बच्चो को भी अतिथि के सम्मान के बारे में बताओ