शरीर एक अद्भुत रचना

इस दुनिया में समस्त प्राणियों को शरीर मिला है जो पंच महाभूतों अर्थात पांच तत्वों से मिलकर बना है जल , अग्नि , वायु , पृथ्वी और आकाश | इस संसार के सभी जीवो का शरीर इन पंचतत्वों का ही समावेश है | शरीर एक बहुत ही अद्भुत रचना है , शरीर के भीतर मौजूद सभी प्रकार के तत्वों तथा अवयवों के बारे में वैज्ञानिको ने कई खोज की है तथा कई बीमारियों का इलाज़ निकला है तथा शरीर की हर क्षमता का पता लगा लिया है | परन्तु कोई भी इस बात का पता आजतक नहीं लगा सका है की शरीर के भीतर एक रोटी से खून कैसे बनता है , यह अद्भुत कार्य शरीर में ही होता है , कई कारखाने लगाए जाए ,कई वैज्ञानिको के शोध किये जाए परन्तु रोटी से खून बनाने में समर्थ नहीं है |

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मानव शरीर की हम बात करे , मनुष्य इस संसार में एक अकेला प्राणी है जो खोज करता रहता है निरंतर खोज में रहता है तथा अपनी बुद्धि तथा अन्य क्षमताओं के कारण नये नये अविष्कारों को जन्म देता रहता है | मनुष्य का शरीर कुछ अन्य क्षमताओं के कारण भी अन्य जीवो के शरीर से भिन्न है खाना खाने , पचने , दैनिक गतिविधिया करने , क्रोध करने , वासनाओ एवं इच्छाओ की पूर्ति करने के लिए ही शरीर नहीं है | हमारा शरीर अनंत शक्तियों का खजाना है सिर्फ देरी है खोज करने की ‘ शरीर की ऊर्जा अनंत है तथा अपनी वास्तविक चेतना को जगाना बहुत आवश्यक है | चेतना को जगाने के लिए कई प्रक्रिया है सही प्रक्रिया के साथ तथा विवेक से शरीर की अद्भुत शक्तियों को जगाया या समझा जा सकता है | सबकुछ हमारे भीतर पहले से ही मौजूद है सिर्फ जागना है और आप इस अद्भुत संसार को और भी गहरायी से जान पाएंगे | स्वयं की खोज ही इस संसार में सबसे बड़ी खोज है स्वयं को पा लेना ही इस संसार की पूर्ण तृप्ति है |